प्रातःकाल योग से बदलेगी जीवनशैली, पंचायतों में नई शुरुआत, योग से अनुशासन और राष्ट्रनिर्माण, पंचायत स्तर तक विस्तार..!
योग को जीवनशैली बनाने की पहल, हर सुबह पंचायतों में होगा अभ्यास
प्रत्येक पंचायत में योग शिक्षक, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक रोज़ योग का संकल्प
सरगुजा में स्वास्थ्य की नई क्रांति: पंचायत-पंचायत योग शिक्षक नियुक्त होंगे
आदित्य गुप्ता
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के अंबिकापुर से संस्था द्वारा शुरू किया गया योग महाअभियान अब एक नए और व्यापक चरण में प्रवेश करने जा रहा है। यह अभियान कई वर्षों पहले अंबिकापुर से प्रारंभ हुआ था, जिसने मोहल्लों और आसपास के क्षेत्रों में बच्चों के साथ योग, व्यायाम और खेलकूद के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली की मजबूत नींव रखी। अब इस महाअभियान को प्रत्येक पंचायत स्तर तक पहुँचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
संस्था के अनुसार, आने वाले समय में हर पंचायत में योग शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। ये शिक्षक प्रतिदिन प्रातःकाल योग व्यायाम, आसान, ध्यान (मेडिटेशन) और सूर्य नमस्कार के माध्यम से लोगों को योग से जोड़ेंगे। अभियान का उद्देश्य केवल एक दिन या किसी विशेष अवसर पर योग कराना नहीं, बल्कि योग को जीवनशैली का स्थायी हिस्सा बनाना है।
बच्चों से शुरू हुई मुहिम, समाज तक पहुँचेगा संदेश
अंबिकापुर में मोहल्लों के बच्चों के साथ योग, व्यायाम और खेलकूद की जो शुरुआत पहले ही की जा चुकी थी, अब उसे जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। खेलकूद और योग के साथ राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव बच्चों में विकसित किया जा रहा है। यह दृश्य न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि एक स्वस्थ और जागरूक भारत की तस्वीर भी प्रस्तुत करता है।
स्वस्थ शरीर, सशक्त समाज
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि जिस प्रकार शरीर के लिए भोजन आवश्यक है, उसी प्रकार व्यायाम और योग भी अनिवार्य हैं। केवल संतुलित भोजन पर्याप्त नहीं, बल्कि नियमित योग और प्रातःकाल भ्रमण से ही शरीर चुस्त, मन प्रसन्न और जीवन ऊर्जावान रहता है। प्रातःकाल योग एवं खेलकूद करने से शरीर स्वस्थ और कांतिमय बना रहता है।
नई सोच, नया संकल्प
संस्था का मानना है कि यदि यह जज़्बा बना रहा तो हर कठिनाई का समाधान निकलेगा। समस्याएँ सबके सामने आती हैं, लेकिन सकारात्मक दृष्टिकोण ही उन्हें अवसर में बदलता है। योग महाअभियान का लक्ष्य अखंड, स्वस्थ और स्वच्छ भारत के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने कहा कि हम रहें या न रहें, देश रहना चाहिए और देश तभी मजबूत होगा जब नागरिक स्वस्थ होंगे।
“करें योग, रहें निरोग”



