गौ संरक्षण या तस्करी—कानून ने दिखाई सख्ती

कत्लखाने की ओर बढ़ रहे थे बैल, पुलिस ने तोड़ी तस्करों की कमर

आदित्य गुप्ता

दन्तेवाड़ा। जिले में अवैध गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 9 जनवरी 2026 को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने 56 गौवंश (कृषक पशु बैल) को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराते हुए 5 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गौ संरक्षक टीम से सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर अरनपुर, मटेनार, बालूद जैसे दुर्गम जंगल मार्गों से लाल, सफेद और काले रंग के बैलों को लाठियों से बेरहमी से पीटते हुए मुलगू की ओर कत्लखाने ले जा रहे हैं। सूचना की तस्दीक पर थाना दन्तेवाड़ा पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम मटेनार गौठान के पास घेराबंदी कर तस्करों को पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने मौके से जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, वे सभी थाना गीदम क्षेत्र के निवासी हैं।

महेश मुराम (20 वर्ष), निवासी नागुल
संतोष मुरामी (19 वर्ष), निवासी नागुल
बसंत मुरामी (22 वर्ष), निवासी नागुल
राजू हेमला (50 वर्ष), निवासी मड़से
विजय कुमार नागेष (36 वर्ष), निवासी पनेड़ा
पशु चिकित्सकीय उपचार के बाद सुरक्षित सुपुर्दगी
मौके से मुक्त कराए गए सभी 56 गौवंश का पशु चिकित्सक द्वारा परीक्षण एवं उपचार कराया गया। इसके पश्चात गौवंश को गौ संरक्षक सुनील जोशी के बालूद स्थित गौठान में सुरक्षित सुपुर्द किया गया।

कठोर धाराओं में मामला दर्ज

थाना दन्तेवाड़ा में अपराध क्रमांक 07/2026 दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध, छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा ,पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11
के तहत प्रकरण कायम किया गया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

टीम की सराहनीय भूमिका

इस सफल कार्रवाई में उपनिरीक्षक राजेश कुमार, सउनि गुरूवंता बर्गे, आरक्षक बुधरू कड़ती, मुन्ना अटामी, सतीस यादव, प्रमोद यादव सहित पूरी पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।

एसपी का बयान

पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने स्पष्ट कहा कि जिले में गौवंश तस्करी और पशु क्रूरता के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधों में लिप्त लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई से गौ तस्करों में हड़कंप, पशु संरक्षण को मिली बड़ी मजबूती