अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में SECL की अमेरा ओपनकास्ट कोल माइंस के विस्तार (एक्टेंशन) को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीचतनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्राम परसोड़ीकला के लोग जमीन अधिग्रहण का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी भूमि, जंगल और रोजगार पर खतरा है, जबकि SECL प्रबंधन ने अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत खनन शुरू कर दिया है।
ग्राम पंचायत भवन में ग्रामीणों की अहम बैठक
कोल खदान के विस्तार के विरोध में परसोड़ीकला ग्राम पंचायत भवन में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि अधिग्रहणबिना उनकी सहमति के आगे बढ़ाया जा रहा है। वे जमीन, मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों को स्पष्ट किए बिना खनन शुरू करने का कड़ा विरोधकर रहे हैं। बैठक में आगे की रणनीति तय करने पर चर्चा हुई और तय हुआ कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी जमीन बचाने का आंदोलन जारी रखेंगेविवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस नेता देलीकेश परसोड़ीकला पहुंचे और प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि बिना उचितबातचीत और समाधान के SECL प्रबंधन ने अचानक सीमांकन व खनन की कार्रवाई शुरू कर दी है। कांग्रेस के हस्तक्षेप के बाद यह मामला औरगरमाने लगा है और इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है
पुलिस–ग्रामीणों के बीच झड़प के बाद तनावपूर्ण हालात
बुधवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थर और गुलेलसे हमला किया, जिसके जवाब में पुलिस ने भी पथराव किया। इस झड़प के बाद जिला प्रशासन ने क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है ताकिस्थिति नियंत्रण में बनी रहे।
रात में सीमांकन, सुबह से खनन
बुधवार देर रात SECL प्रबंधन द्वारा विवादित जमीन पर सीमांकन की कार्रवाई की गई। आज सुबह होते ही अधिग्रहित भूमि पर कोयला उत्खनन कीप्रक्रिया शुरू कर दी गई। फिलहाल अधिग्रहित पूरी जमीन को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। मौके पर पुलिस, जिला प्रशासन और SECL केवरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। हालात नियंत्रित रखने के लिए अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।
ग्रामीणों ने की ये मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि खनन कार्य को तुरंत रोका जाए और अधिग्रहण, मुआवजा तथा पुनर्वास पर दोबारा चर्चा की जाए। उनका कहना है कि ग्रामसभा की सहमति लिए बिना किसी भी कार्रवाई को आगे बढ़ाना स्वीकार्य नहीं है, इसलिए समझौता होने तक SECL को खनन पूरी तरह रोक देनाचाहिए।
पथराव के बाद ग्रामीणों के खिलाफ FIR दर्ज दरअसल, बुधवार को ग्रामीण जमीन अधिग्रहण विरोध कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया। गुलेल से भी हमला किया। हमलेमें पुलिसकर्मियों के अलावा 12 से ज्यादा ग्रामीणों को भी चोट आई हैं। वहीं, इस मामले में पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत केसदर्ज किया है। साथ ही कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
टीएस सिंहदेव ने एक्स पर लिखा– सरकार जिनकी प्रतिनिधि है, उन्हीं पर लाठियां बरसा रही है। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्रामपरसोडीकला का दृश्य लोकतंत्र को शर्मिंदा करने वाला है। जहां गुजरात की एक निजी कंपनी से सरकारी खदान में उत्खनन कराया जा रहा है औरविरोध कर रहे स्थानीय ग्रामीणों पर पुलिस का लाठीचार्ज और आंसू गैस बरसाई गई। उन्होंने लिखा– यही है वह ‘गुजरात मॉडल’, जिसे देश वाराणसीऔर अयोध्या में भी देख रहा है। जहां स्थानीय लोगों के रोजगार और संसाधनों पर बाहर की कंपनियों और लोगों का कब्ज़ा कराया जा रहा है, औरस्थानीय समुदायों के अधिकारों की पूरी तरह अनदेखी कर दी गई है। सरकार का काम जनता की रक्षा करना है, उन्हीं पर लाठियां चलाना नहीं।छत्तीसगढ़ के लोगों के हक, जमीन और भविष्य का इस तरह दमन नहीं किया जा सकता।


