आधा किलो शक्कर देकर 20 रुपये वसूली, चना-नमक चार महीने से गायब

भूख और बेबसी की तस्वीर: पहाड़ी कोरवा जनजाति को नहीं मिल रहा हक का चावल

पहाड़ी कोरवा जनजाति चावल के लिए दर-दर भटक रही, उचित मूल्य दुकान से महीनों से नहीं मिला राशन

आदित्य गुप्ता

लखनपुर- क्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्र लवजी ग्राम पंचायत जहां सरपंच के घर में उचित मूल्य का दुकान का संचालन इन दिनों प्रिया स्वयं सहायता समूह के द्वारा किया जा रहा है जहां अभी तक लोगों को चावल नहीं मिलने के कारण काफी परेशान हैं वहीं इस ग्राम पंचायत में निवासरत पहाड़ी कोरवा जनजाति के लोग भी चावल के लिए दर-दर भटक रहे हैं और चावल मांग कर अपना जीवन यापन करने को मजबूर है जबकि इन सब के लिए उचित मूल्य दुकान से 35 किलो चावल उपलब्ध कराए जाने हेतु राशन कार्ड तक शासन द्वारा बनाई गई है लेकिन सोसायटी संचालक के मनमानी के कारण महीना बीत जा रहे हैं पर चावल नहीं दिया जा रहा हितग्राहियों के द्वारा बताया गया कि करीब दो महीना हो गया है चावल नहीं मिला है
शक्कर देते हैं आधा किलो पर लेते हैं 20 : हितग्राहियों के द्वारा बताया गया कि पूर्व में कई बार उक्त सोसायटी संचालक के द्वारा उन्हें मात्र एक किलो शक्कर की जगह पर आधा किलो शक्कर दिया जाता है और उनसे 20 की वसूली की जाती है।

4 माह तक नहीं मिला नमक और चना : उक्त ग्राम पंचायत के राशन कार्ड धारी के द्वारा बताया गया कि करीब 4 महीना से उन्हें ना तो संचालक के द्वारा चना दिया गया है और ना ही नमक तक दी जाती है पूर्व में भी कलेक्टर के पास शिकायत प्रस्तुत किया गया लेकिन आज तक ना तो जांच हुई ना ही किसी प्रकार की कोई कार्यवाही हुई इसलिए ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि उचित मूल्य दुकान संचालक की मनमर्जी चलती है क्योंकि उनके प्रति कोई कार्यवाही नहीं होने से उनका हौसला बढ़ गया है।