कोरिया कोरिया जिले के सोनहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से बंद पड़ी सोनोग्राफी सेवा को लेकर पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने प्रदेशसरकार और स्वास्थ्य प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसे ग्रामीण आदिवासी अंचल की जनता के साथ सीधा अन्याय बताते हुए कहा किसरकार के दावों के विपरीत जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है।

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पूर्व विधायक कमरो ने कहा कि सोनहत जैसे दूरस्थ क्षेत्र में सोनोग्राफी सुविधा बंद होने से गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को 50 से 60 किलोमीटर दूर बैकुंठपुर या निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे जहां एक ओर गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, वहीं समयपर जांच होने से मरीजों की जान भी खतरे में पड़ रही है।

उन्होंने बताया कि अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध होने के बावजूद रेडियोलॉजिस्ट या ऑपरेटर की व्यवस्था नहीं की गई है, जो प्रशासनिकउदासीनता को दर्शाता है। कमरो ने आशंका जताई कि सरकारी सुविधा को जानबूझकर बंद रखा जा रहा है, ताकि निजी क्लीनिकों को लाभ पहुंचायाजा सके।

पूर्व विधायक ने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में जनता की मांग पर सोनहत अस्पताल में सोनोग्राफी सेवा शुरू कराई गई थी, लेकिन सरकारबदलते ही यह सुविधा बंद हो गई। उन्होंने सवाल उठाया कि यह कैसा सुशासन है, जहां पहले से चालू व्यवस्थाओं को भी बंद कर दिया जा रहा है।

कमरो ने मांग की कि नए साल में मकर संक्रांति से पहले सोनोग्राफी सेवा पुनः शुरू की जाए और सप्ताह में कम से कम तीन दिन इसका लाभ मरीजोंको मिले। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो हजारों कार्यकर्ताओं के साथ सीएमएचओ कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

उन्होंने एक भावुक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले रामगढ़ से आई एक महिला जब यह जानकर रो पड़ी कि सोनहत मेंसोनोग्राफी कई महीनों से बंद है, तो उसने कहा— “बैकुंठपुर जाने के लिए मेरे पास पैसे नहीं हैं साहब।यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भी भावुक करगया। इस मामले को लेकर यूथ कांग्रेस द्वारा एसडीएम सोनहत को ज्ञापन भी सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

पूर्व विधायक ने जिला प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर व्यवस्था सुचारू करने की मांग की है, ताकि गरीब, ग्रामीण और आदिवासी जनता को स्वास्थ्यसुविधाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।