शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 लाइव अपडेट जनता की आवाज़, निष्पक्ष पत्रकारिता
Janta Ka Mat जनता की आवाज़, निष्पक्ष पत्रकारिता
Janta Ka Mat
ईमेल: contact@jantakamat.com

सशक्त युवा और समृद्ध संस्कृति से बनेगा विकसित समाज

नवरात्रि प्रवास के दौरान सामाजिक समरसता और पारंपरिक खेलों पर जोर

Admin 24 Oct 2026 1 बार देखा गया
सशक्त युवा और समृद्ध संस्कृति से बनेगा विकसित समाज

सूरजपुर/अम्बिकापुर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर सरगुजा अंचल के समाजसेवी विन्ध्येश्वर शरण सिंह देव ने सूरजपुर जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और युवा प्रतिभाओं से जुड़ाव का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने बड़कापारा, चंदनपुर और दुमरिया स्थित दुर्गा पूजा पंडालों में मां जगदम्बे के दर्शन-पूजन किए और क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। वहीं, सोनपुर में वरिष्ठ नागरिकों से मुलाकात कर सामाजिक विषयों पर चर्चा की।

दुर्गा पंडालों में की पूजा-अर्चना

अपने दौरे की शुरुआत में विन्ध्येश्वर शरण सिंह देव ग्राम सोनपुर पहुंचे। यहां उन्होंने वरिष्ठ नागरिक गिरिजाशंकर साहू के निवास पर सौजन्य भेंट की और स्थानीय परंपराओं तथा सामाजिक समरसता से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए। इसके बाद वे बड़कापारा, चंदनपुर और दुमरिया के दुर्गा पूजा पंडालों में पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां जगदम्बे का आशीर्वाद लिया।

इस दौरान उन्होंने नवरात्रि पर्व को आस्था, सेवा, सद्भाव और नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक बताते हुए समाज में आपसी सहयोग और एकजुटता बनाए रखने का संदेश दिया।

कबड्डी प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह

दौरे का एक प्रमुख आकर्षण ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता रही। विन्ध्येश्वर शरण सिंह देव ने प्रतियोगिता में शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके साहस, अनुशासन तथा खेल भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है उन्हें उचित मंच, संसाधन और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की, ताकि वे अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

उन्होंने पारंपरिक खेलों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि खेल युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, संघर्ष और टीम भावना विकसित करते हैं। ऐसे आयोजन ग्रामीण युवाओं को अपनी प्रतिभा सामने लाने का अवसर प्रदान करते हैं।

सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता पर जोर

विन्ध्येश्वर शरण सिंह देव ने कहा कि सशक्त युवा, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकजुटता विकसित समाज की आधारशिला हैं। नवरात्रि जैसे पर्व लोगों को आपसी सद्भाव, सेवा, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक आयोजनों, पारंपरिक खेलों और वरिष्ठजनों से संवाद के माध्यम से उन्होंने सामाजिक जुड़ाव और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। उनका यह दौरा धार्मिक आस्था के साथ ग्रामीण प्रतिभाओं के प्रोत्साहन और सामाजिक समरसता के संदेश पर केंद्रित रहा।

A
सम्पादक / Author
Admin

वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक, जनता का मत डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क।