कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सात वर्षीय बच्ची का शव तीन दिन की तलाश के बाद मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बच्ची 19 अक्टूबर को घर से सामान लेने निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की थी। गुरुवार को बच्ची का शव उसके परिवार के रहने के स्थान के पास स्थित पोल्ट्री फार्म के पीछे से बरामद किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बच्ची का परिवार मूल रूप से सक्ती जिले का रहने वाला है और करीब चार महीने पहले काम की तलाश में कोरबा आया था। बच्ची के पिता पोल्ट्री फार्म में काम करते हैं। 19 अक्टूबर को बच्ची घर से सामान लेने निकली थी। काफी देर तक वापस नहीं आने पर परिजनों ने आसपास तलाश की। कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई।
संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव
लगातार तलाश के बीच बच्ची का शव झाड़ियों से घिरे क्षेत्र में मिला। शव की स्थिति को देखते हुए हत्या की आशंका जताई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, ताकि मौत के कारणों का पता चल सके।
सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के अनुसार, शुरुआती परिस्थितियों से हत्या की आशंका प्रतीत होती है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
संदेहियों की तलाश, कई पहलुओं पर जांच
पुलिस मामले में विभिन्न संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और बच्ची के लापता होने से जुड़े घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को लेकर चर्चा सामने आई है, लेकिन किसी की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बच्ची के लापता होने के बाद तलाश में हुई कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि बच्ची के लापता होने से लेकर शव मिलने तक क्या-क्या घटनाक्रम हुआ और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सबकी नजर है। फिलहाल हत्या और यौन अपराध की आशंका की पुष्टि जांच के निष्कर्षों तथा चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी।



