बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 लाइव अपडेट जनता की आवाज़, निष्पक्ष पत्रकारिता
Janta Ka Mat जनता की आवाज़, निष्पक्ष पत्रकारिता
Janta Ka Mat
ईमेल: contact@jantakamat.com

अंबिकापुर में आतिशबाजी बनी खतरे की वजह, बड़ा हादसा टला

रावण दहन के दौरान पटाखों की चिंगारी स्टेज तक पहुंची, लोग हुए सतर्क

Admin 21 Oct 2026 1 बार देखा गया
अंबिकापुर में आतिशबाजी बनी खतरे की वजह, बड़ा हादसा टला

अंबिकापुर। शहर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम के दौरान अनियंत्रित आतिशबाजी से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पुतला दहन के बाद की जा रही आतिशबाजी के दौरान एक रॉकेट मुख्य मंच तक पहुंच गया और उसकी चिंगारी मंच की छत पर जा गिरी। घटना से मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, तत्परता दिखाते हुए फायर फाइटर टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर चिंगारी पर काबू पा लिया, जिससे संभावित हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार, पीजी कॉलेज मैदान में रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतला दहन के बाद जोरदार आतिशबाजी की जा रही थी। इसी दौरान कई रॉकेट अनियंत्रित होकर इधर-उधर जाने लगे। कुछ पटाखे दर्शक दीर्घा में भी जाकर फूटे, जिससे वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। लोग अचानक हुई इस घटना से घबरा गए और कुछ देर के लिए कार्यक्रम स्थल पर असहज स्थिति बन गई।

इसी बीच एक रॉकेट मुख्य मंच की ओर पहुंचा और फूटने के बाद उसकी चिंगारी मंच की छत पर जा गिरी। उस समय मंच पर जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। चिंगारी छत पर गिरने की जानकारी मिलते ही मंच पर बैठे लोग उठकर इधर-उधर जाने लगे। अचानक पैदा हुई इस स्थिति से कार्यक्रम में मौजूद लोगों की चिंता बढ़ गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंच संचालक ने फायर फाइटर टीम को तत्काल कार्रवाई के लिए आह्वान किया। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर चिंगारी से लगी आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से बड़ा हादसा टल गया और लोगों ने राहत की सांस ली।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

रावण दहन जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजन में आतिशबाजी के दौरान रॉकेट का अनियंत्रित होकर मंच और दर्शक दीर्घा तक पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मंच पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद इस तरह की घटना ने पटाखों के संचालन और सुरक्षा इंतजामों की प्रभावशीलता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

गनीमत रही कि फायर फाइटर टीम ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाल लिया और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लेकिन इस घटना ने स्पष्ट कर दिया कि सार्वजनिक आयोजनों में आतिशबाजी के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन और दर्शकों व मंच से सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि उत्सव के दौरान किसी की जान जोखिम में न पड़े।

A
सम्पादक / Author
Admin

वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक, जनता का मत डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क।