रायपुर : रायपुर जिले के अभनपुर में स्थित श्री कृष्णा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल पर गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कड़ारुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जांच में फर्जी लैब रिपोर्ट तैयार करने और नर्सिंग होम एक्ट के उल्लंघन की पुष्टि होने पर अस्पताल के अंतर्गतसंचालित लैबोरेटरी को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही अस्पताल प्रबंधन पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भीलगाया गया है।
बता दें कि यह कार्रवाई केंद्रीय लोक शिकायत पोर्टल (CPGRAMS) पर दर्ज एक शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता गोपेश्वर कुमारसिन्हा ने आरोप लगाया था कि अस्पताल में बिना किसी वास्तविक टेस्ट या सैंपल जांच के ही मरीजों की लैब रिपोर्ट तैयार कर इलाज किया जा रहाहै। शिकायत में यह भी कहा गया कि जब इस गड़बड़ी का पता चलता था, तो पुरानी फर्जी रिपोर्ट हटाकर नई रिपोर्ट लगा दी जाती थी, जिससे मरीजोंको गुमराह किया जा सके। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मिथलेश चौधरी के निर्देश पर एकजांच दल गठित किया गया। जांच के दौरान अस्पताल की लैब प्रबंधन व्यवस्था में गंभीर लापरवाही और नियमों की अनदेखी सामने आई। जांच दलकी रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि अस्पताल द्वारा नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा था। जांच रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्यविभाग ने नर्सिंग होम एक्ट के अध्याय 3, कंडिका 12 (क) (1) के तहत कार्रवाई करते हुए लैब संचालन पर तत्काल रोक लगा दी। साथ ही अस्पतालपर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसे ‘Supervisory Authority Raipur’ के नाम से डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करने केनिर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि मरीजों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्तनहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और नियमों के अनुरूप चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है और भविष्यमें भी इस तरह की अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हालांकि, इस पूरे मामले पर श्री कृष्णा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले के अन्य निजी अस्पतालों और लैबों की भी समय–समय पर जांच की जाएगी, ताकि मरीजों के हितों की रक्षा कीजा सके और स्वास्थ्य सेवाओं में भरोसा बना रहे।