नशा कारोबारियों को आबकारी अधिकारी की सख़्त चेतावनी, भावुक अपील के साथ कड़ा संदेश
समाज बचाने के लिए कठोर कदम ज़रूरी: संभागीय आबकारी अधिकारी
नशा बेचना अपराध नहीं, समाज से गद्दारी है — आबकारी विभाग
संभागीय आबकारी अधिकारी की भावुक अपील, नशा कारोबारियों को सख़्त चेतावनी
आदित्य गुप्ता
अंबिकापुर। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच संभागीय आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने समाज के नाम एक भावुक लेकिन सख़्त संदेश दिया है। अपने सोशल मीडिया संदेश के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई किसी के लिए भी सुखद नहीं होती, लेकिन समाज और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए यह मजबूरी बन जाती है। उन्होंने बताया कि हाल ही में रामानुजगंज में तीन कफ सिरप विक्रेताओं को जेल भेजने की कार्रवाई उनके लिए भी मानसिक रूप से पीड़ादायक रही, क्योंकि हर आरोपी के पीछे एक परिवार होता है—बच्चे, माता-पिता और रिश्तेदार। इसके बावजूद, कानून और समाजहित के सामने भावनाओं को पीछे रखना पड़ता है।
आबकारी अधिकारी ने कहा कि इससे पहले 8 अक्टूबर को नशीले इंजेक्शन और टैबलेट की अवैध बिक्री के आरोप में रमेश कुशवाहा को जेल भेजा गया था, फिर भी कुछ लोग यह सोचकर नशे के धंधे में लगे रहते हैं कि वे कभी पकड़े नहीं जाएंगे। उन्होंने चेताया कि अपराध चाहे जितनी चालाकी से किया जाए, एक न एक दिन सामने आ ही जाता है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नशा करने वाला व्यक्ति खुद को नुकसान पहुंचाता है, लेकिन नशे का व्यापार करने वाला पूरे समाज को बर्बाद करता है। इसी कारण एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई और लंबी सजा का प्रावधान किया गया है, जिससे समाज को इस जहर से बचाया जा सके।
रंजीत गुप्ता ने नशा कारोबारियों से अपील की कि वे समय रहते इस अवैध धंधे को छोड़ दें, अन्यथा उन्हें इसके गंभीर और कठोर परिणाम भुगतने होंगे। साथ ही उन्होंने समाज और अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों पर सतत निगरानी रखें और यह सुनिश्चित करें कि वे किसी गलत गतिविधि की ओर न जाएं, क्योंकि एक छोटी सी चूक पूरे परिवार का भविष्य अंधकार में डाल सकती है।
अंत में उन्होंने कहा कि नशे का व्यापार पूरी तरह बंद होने पर ही नशामुक्त और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है, और इसके लिए प्रशासन के साथ-साथ हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।