इनाम’ जनसरोकार के नाम अभियान की शुरुआत
“डर नहीं, सच बोलो: भ्रष्टाचार के खिलाफ नागरिक अभियान”
“जनता की ताकत से भ्रष्टाचार पर चोट”
आदित्य गुप्ता
अंबिकापुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ आम नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘इनाम’ जनसरोकार के नाम अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य रिश्वतखोरी और घूसखोरी में लिप्त सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों के विरुद्ध साक्ष्य प्रस्तुत करने वाले साहसी नागरिकों को प्रोत्साहित करना और उन्हें सामाजिक सम्मान दिलाना है।
अभियान के तहत यदि कोई भी सदस्य या नागरिक किसी भ्रष्ट सरकारी कर्मचारी अथवा अधिकारी का रिश्वतखोरी से जुड़ा स्ट्रिंग ऑपरेशन (ऑडियो या वीडियो) प्रमाण सहित WhatsApp या ई-मेल के माध्यम से भेजता है, तो उसे संस्था द्वारा मेडल एवं Appreciation Certificate प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, एक सम्मानित मंच से उसे पुरस्कृत भी किया जाएगा।
संस्था के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस अभियान में सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। बिना संबंधित व्यक्ति की अनुमति के कोई भी ऑडियो या वीडियो सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। संस्था का कहना है कि विश्वसनीयता और भरोसा ही इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है।
पदाधिकारियों के अनुसार, भ्रष्टाचार केवल प्रशासनिक समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक विकास में सबसे बड़ी बाधा है। इसे जड़ से समाप्त करने के लिए नागरिकों का साहस और सजगता आवश्यक है। यह अभियान ईमानदारी के पक्ष में खड़े लोगों को यह भरोसा देता है कि वे अकेले नहीं हैं और समाज उनके साथ है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जनआंदोलन की दिशा में एक सार्थक कदम बताया है। लोगों का कहना है कि जब ईमानदारी को सम्मान मिलेगा, तभी समाज में सकारात्मक बदलाव संभव हो पाएगा।
संक्षेप में, ‘इनाम’ जनसरोकार के नाम अभियान न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ सबूत देने वालों को सुरक्षा और सम्मान देने का प्रयास है, बल्कि यह एक स्पष्ट संदेश भी है कि अब समाज सच बोलने वालों के साथ खड़ा है।
