06 रास मवेशी, 03 पिकअप वाहन व नकदी जप्त, कुल मशरुका करीब 30 लाख रुपये

शहर से झारखंड तक मवेशी तस्करी, पुलिस की दबिश में सबूतों सहित गिरफ्तारी

आदित्य गुप्ता

अंबिकापुर। शहर में घूम-घूमकर मवेशी चोरी करने वाले संगठित गिरोह पर थाना कोतवाली व साइबर सेल पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 07 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 06 रास मवेशी, 12,750 रुपये नगद, घटना में प्रयुक्त 03 पिकअप वाहन जप्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 30 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस के अनुसार आरोपी खुले में बंधे या विचरण कर रहे मवेशियों को निशाना बनाकर चारपहिया वाहनों में जबरन लोड कर चोरी करते थे और उन्हें झारखंड ले जाकर बिक्री करते थे। गिरफ्तार आरोपियों में अजहर खान और जुनैद आलम पूर्व में भी मवेशी चोरी सहित अन्य आपराधिक मामलों में संलिप्त रहे हैं और आदतन अपराधी बताए गए हैं।

रात की सतर्कता से खुला मामला

मामले का खुलासा 4 जनवरी की रात हुआ, जब प्रार्थी ऋषिकेश मिश्रा ने नमनाकला रिंग रोड पर संदिग्ध रूप से तीन पिकअप वाहनों में मवेशियों को लोड करते देखा। मवेशियों के चिल्लाने पर संदेह होने पर उन्होंने वाहन नंबर नोट किए और पुलिस को सूचना दी। इसके आधार पर थाना कोतवाली में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
मुखबिर की सूचना पर दबिश
जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम रनपुरखुर्द के पास सुनसान इलाके में मवेशियों को लोड किया जा रहा है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मौके से तीन पिकअप वाहनों के साथ 07 आरोपियों को पकड़ा। तीनों वाहनों में 02-02 रास कुल 06 मवेशी बरामद किए गए। मवेशियों को गौ सेवा मंडल सरगुजा के सुपुर्द किया गया।
पूर्व मामलों में भी संलिप्तता
पूछताछ में आरोपियों ने थाना गांधीनगर और कोतवाली क्षेत्र में पूर्व में हुई मवेशी चोरी की घटनाओं को स्वीकार किया। आईसीजेएस पोर्टल से मिली जानकारी में भी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में आपराधिक प्रकरण दर्ज पाए गए हैं।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। मामले में अग्रिम जांच जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली अंबिकापुर शशिकांत सिन्हा, प्रभारी साइबर सेल सहित पुलिस टीम के कई अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय रहे।