पत्थलगांव। खेती–किसानी करने वाले मासूम ग्रामीणों को निवेश पर मोटा मुनाफा देने का झांसा देकर करोड़ों रूपए हड़पने वाले गिरोह का जशपुरपुलिस ने बड़ा भंडाफोड़ किया है। महीनों से फरार चल रहे तीन मुख्य आरोपियों कंपनी के एम.डी. मोहम्मद सिराज आलम, पार्टनर इमरान खान औरसहयोगी संतोष कुमार साव को पुलिस ने झारखंड के बोकारो और रांची से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन मेंकी गई, जिससे सैकड़ों पीड़ित ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
कैसे खुला ठगी का पर्दाफाश
17 अक्टूबर 2025 को मदनपुर इंजिको निवासी जागेश्वर लाल यादव ने थाना पत्थलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ग्रामीणों को कृषि प्रोडक्ट प्लांटलगाने और हर महीने ब्याज देने का लालच देकर लाखों रुपए निवेश करवाए गए थे। होटल मान्या में संतोष कुमार साव ने खुद को सी बुल्स ग्लोबलसॉल्यूशन कंपनी का कर्मचारी बताते हुए निवेशकों को फंसाया। कुछ महीनों तक ब्याज देकर भरोसा जीता, बाद में भुगतान बंद कर दिया।
फ़र्जी कहानियों से बनाया जाल
निवेशकों को कंपनी के एम.डी. मोहम्मद सिराज आलम से मिलवाकर दावा किया गया कि यह सेबी रजिस्टर्ड ट्रेडिंग कंपनी है।
1% प्रतिदिन ब्याज और 10 महीनों में धन तीन गुना करने का वादा किया गया।
कोरबा, चांपा, अंबिकापुर, घरघोड़ा व बिलासपुर में बड़े सेमिनार कर ग्रामीणों को विश्वास में लिया गया।
फेडरल बैंक व इंडसइंड बैंक के चेक देकर गारंटी का झांसा दिया गया।
निवेश की राशि बढ़ते–बढ़ते लगभग 6 करोड़ रुपए तक पहुंच गई।
हेल्थ कार्ड के नाम पर दूसरी ठगी
जब अधिकांश निवेशक अपना पैसा मांगने पहुंचे तो वर्ष 2024 में उड़ीसा के सुंदरगढ़ में नया खेल शुरू किया गया। हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड बनवाने केबहाने ग्रामीणों से आधार, पैन व हस्ताक्षर लेकर उनके नाम पर सी बुल्स सहयोग निधि, रियल एस्टेट एवं फाइनेंस लिमिटेड नाम की कंपनी रजिस्टर्डकरा दी गई। बाद में वेबसाइट बंद कर सभी आरोपी फरार हो गए।
लंबी पीछा–करोड़ों की ठगी का गिरोह ढहा
जशपुर पुलिस ने मामला गंभीरता से लेते हुए 420, 120बी व 34 भादवि के तहत अपराध दर्ज किया। पहले चरण में हरिशरण देवांगन और संतोषकुमार साहू को गिरफ्तार किया गया था। तीन मुख्य आरोपी कई महीनों से फरार थे। तकनीकी टीम, मुखबिरों और ठोस खुफिया जानकारी के आधारपर पुलिस झारखंड पहुंची
बोकारो से एम.डी. मोहम्मद सिराज आलम
रांची से इमरान खान व संतोष कुमार साव गिरफ्तार मौके से मोबाइल, लैपटॉप, बैंक दस्तावेज व अन्य महत्वपूर्ण सबूत बरामद हुए।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
आरोपियों ने कबूल किया कि निवेश पर 1% प्रतिदिन ब्याज देने का झांसा देते थे। शुरुआती 5 महीने पुराने निवेशकों के पैसे से ही नए निवेशकों कोभुगतान करते थे। नए निवेशक मिलना बंद होते ही भुगतान रोक दिया गया। पूरा मॉडल पोंजी स्कीम की तरह चलता था।
तीनों आरोपी अब जेल की राह पर
जांच में पर्याप्त सबूत मिलने पर तीनों को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। कार्रवाई में साइबर सेल निरीक्षक संतलाल आयाम, उपनिरीक्षकनसीरुद्दीन अंसारी, थाना प्रभारी विनीत पांडे, एएसआई लोखेश साहू व आरक्षक तुलसी रात्रे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का बयान
“पत्थलगांव में दर्ज करोड़ों की ठगी के मामले में फरार तीन मुख्य आरोपियों को झारखंड से गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की जांच और रिकवरीकी प्रक्रिया जारी है।”
ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत
इस कार्रवाई से उन सैकड़ों परिवारों को उम्मीद मिली है जिनकी मेहनत की कमाई को ठगों ने योजनाबद्ध तरीके से हड़प लिया था। जशपुर पुलिस अबनिवेशकों की रकम की रिकवरी, कंपनी के फंड मूवमेंट और पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है।