एमसीबी। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलापंचायत सीईओ अंकिता सोम ने योजना की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर 82 ग्राम पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह शासन की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसकी सतत निगरानी राज्य, जिला एवं जनपद स्तर पर की जा रही है, इसकेबावजूद कुछ पंचायतों में अपेक्षित प्रगति नहीं पाई गई।
लक्ष्य के मुकाबले उपलब्धि
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए जिले को 15,314 आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके विरुद्ध अब तक 7,643 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।समग्र रूप से जिले की प्रगति संतोषजनक मानी जा रही है, लेकिन कुछ ग्राम पंचायतों में कार्य की धीमी रफ्तार और उदासीनता सामने आई है। इसेगंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संबंधित सचिवों से जवाब तलब किया है।
आवास मित्रों को मिला प्रोत्साहन आवास निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए आवास मित्रों की भूमिका को सशक्त कियागया है। निरीक्षण एवं निगरानी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के 92 आवास मित्रों को कुल 3.40 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है, जिससे जमीनी स्तर पर कार्यों में गति आई है। नोटिस के बाद भी सुधार नहीं तो कार्रवाई जिला पंचायत सीईओ ने स्पष्ट किया है कि जिन 82 ग्रामपंचायतों में भौतिक प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाई गई, वहां के सचिवों को तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने और तत्काल कार्य मेंसुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने दो टूक कहा है कि निर्धारित समय–सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि शेष लक्ष्यों की पूर्ति के लिए सतत निगरानी जारी रहेगी, ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों कोसमय पर आवास का लाभ मिल सके।